hernia – हर्निया बीमारी के घरेलू नुस्खे-in Hindi

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hernia - हर्निया बीमारी के घरेलू नुस्खे-in Hindi
hernia – हर्निया बीमारी के घरेलू नुस्खे-in Hindi

हर्निया :- जब आंते पेट से अपने आप नीचे की तरफ आने लगती है तो अंडकोष फूलने लगते है और फूलकर मोटे हो जाते है इसी को ही हर्निया कहा जाता है . 

हर्निया की बीमारी में शुरुआत में सबसे पहले जब आंते अंडकोष में आ जाती है तो व्यक्ति को दर्द का एहसास होता है . अगर वह व्यक्ति थोड़ी सी कोशिश करता है ताकि उसकी आंते वापस पेट के अन्दर चली जाये लेकिन जब आंते जोर लगाने पर भी अन्दर नहीं जाती है तब व्यक्ति को बहुत ज्यादा तेज दर्द होता है जो असहनीय होता है .   

हर्निया की बीमारी एक ऐसी बीमारी है जिसमे कोई भी व्यक्ति उस दर्द को ज्यादा सहन नहीं कर पाता है और उसी वजह से रोगी के दर्द को देखते हुए डॉक्टरों को हर्निया का ओप्रशन करने के लिए बोलना पड़ता है .

हर्निया होने के लक्षण :-

डॉक्टरों के मुताबिक हर्निया की बीमारी उन लोगो को हो जाती है जो लोग अपने वजन से ज्यादा वजन उठाने की कोशिश करते है या फिर कुछ लोग खेलते हुए किसी उचाई वाली जगह से कूदने से , रेत के मैदानों में लोगो ऊंट की काफी ज्यादा सवारी करते है और ज्यादा ऊंट की सवारी करने से भी हर्निया की बीमारी हो जाती है , अक्सर खेलते हुए अंडकोष पर अगर कोई भारी चीज लग जाती है तो उसे व्यक्ति को भी हर्निया की बीमारी हो सकती है . ऐसे में आंते उतरने का ज्यादा खतरा रहता है .
अगर कोई व्यक्ति बहुत ज्यादा देर तक अपन पेशाब रोकता है तो उस वजह से उस व्यक्ति की नसे कमजोर होने लग जाती है . इस कारण से भी हर्निया की बीमारी हो जाती है तथा कुछ लोगो को घुड़सवारी करने का बहुत ज्यादा शोक होता है लेकिन कभी कभी वह लोग घुड़सवारी करते वक्त अपने नीचे किसी स्पॉट का सहारा लेना भूल जाते है और जब घोडा तेजी से भागता है तब घोड़े की पीट अंडकोष पर लगने से भी हर्निया की बीमारी हो जाती है .
जिस किसी व्यक्ति को हर्निया की बीमारी होती है वह व्यक्ति ठीक से चल नहीं पाटा है और ना ही वह व्यक्ति ठीक से सीढ़ियां चढ़ पाता है उस व्यक्ति को बहुत तेज दर्द होता है . ऐसे समय में किसी व्यक्ति को खांसी आ जाये तो वह व्यक्ति दर्द से चिल्ला उठता है .

हर्निया बीमारी में करें ये घरेलू उपचार :-

कॉफ़ी

चिकित्सक के मुताबिक कॉफ़ी हर्निया की बीमारी में बहुत ज्यादा लाभदायक होती है . कॉफ़ी पीने से हर्निया की बीमारी में आराम मिलता है .

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सीढ़ियां

अगर किसी व्यक्ति को हर्निया की बीमारी हो जाये तो उस व्यक्ति को ज्यादा चलना फिरना नहीं चाहिए और ना ही ज्यादा सीढ़ियां चढ़नी चाहिए .

एरण्डी के तेल

हर्निया की बीमारी में एरण्डी के तेल सबसे ज्यादा कारगर माना गया है एरण्डी के तेल को आप दूध के साथ मिलाकर पियेंगे तो आपको बहुत ही जल्दी आराम मिलेगा तथा इसके सेवन से लैट्रीन खुलकर आती है जिस वजह से आपको ज्यादा जोर लगाने की जरूरत नहीं पड़ती .


इन्द्रायड की जड़

चिकित्सक में इस चीज के बारे में बताते है कि जिस व्यक्ति को हर्निया हो गया है उस व्यक्ति को इन्द्रायड की जड़ को मूल के तेल के साथ अच्छी तरह पीस लेना है और उस मिश्रण को दूध में मिलाकर पी लेना है . ऐसा करने से हर्निया की बीमारी में बहुत

हर्निया की बीमारी के शुरुआती दौर में रोगी को कमर की तरफ लेटकर उसके दोनों पैरो को कुछ समय के उठाने से आते अपनी जगह पर पहुंच जाती है और हर्निया नहीं होता है .

अगर किसी व्यक्ति को हर्निया हो जाये तो आप उस व्यक्ति को हल्के गर्म दूध में जो मूत्र और शक्कर (25-25) ग्राम मिलाकर पीला दे ऐसा करने से भी हर्निया ठीक हो जाता है .

संभालू की पत्तियों

संभालू की पत्तियों हर्निया के लिए बहुत ज्यादा फायदेमंद होती है . हर्निया की बीमारी से छुटकारा पाने के लिए संभालू की पत्तियों को अच्छी तरह उबालकर उसमे दो चुटकी सेंधा नमक मिलाकर धीरे धीरे पिए . इस काढ़े को पीने से भी हर्निया ठीक हो जाता है .
महुआ के तेल
हर्निया की बीमारी में अगर कोई व्यक्ति महुआ के तेल में थोड़ा सा कपूर मिलाकर उसकी मालिश अपने अंडकोष पर करता है तो उस व्यक्ति को दर्द में रहत मिलती है और हर्निया की बीमारी ठीक होने लगती है .
वच
हर्निया की बीमारी में वच बहुत ही ज्यादा फायदेमंद चीज है इसका उपयोग करने के लिए आप इसमें दो चम्मच एरण्ड का तेल मिला ले और अच्छी तरह से मिक्स करके इसे पी लें . हर्निया की बीमारी जड़ से खत्म हो जाएगी .
हर्निया की बीमारी में रोगी को तम्बाकू के पत्तो पर थोड़ा सा एरण्डी का तेल लगाकर उसे अच्छी तरह से गर्म करके अपने अंडकोष पर लगाने से हर्निया की बीमारी में बहुत ज्यादा आराम मिलता है और आंते अपनी जगह पर वापस पूछने लगती है .

मुलेठी

हर्निया की बीमारी से छुटकारा पाने के लिए आपको थोड़ी सी मुलेठी , रास्ना, बला, एरण्ड की जड़ , और गोखुर इन सभी को बराबर मात्रा में लेना है और इस सभी चीजों को थोड़ा सा कूटकर उनका काढ़ा बना लेना है तब उस काढ़े को एरण्डी का तेल में मिलाकर पी लेना है . ऐसा करने से हर्निया की बीमारी ठीक हो जाएगी और आंते अपने आप ऊपर जाने लगेंगी तथा दर्द में भी आराम मिलेगा .

अजवायन

हर्निया की बीमारी में अगर कोई व्यक्ति अजवायन का अर्क 20 बूँद और पोदीने का अर्क 20 बूँद पानी में मिलाकर पीता है तो उस पानी को पीने से हर्निया की बीमारी में बहुत फायदा होता है .
दोस्तों आज के लिए बस इतना ही . आप लोग हमे अपने कमेंट के जरिये बता सकते है की आप अगले आर्टिकल में किस चीज के ऊपर जानकारी चाहते है . तब तक के लिए धन्यवाद !


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