Kapalbhati Pranayam and 12 Best benefits of Kapalbhati Pranayam .

Kapalbhati Pranayam and 12 Best benefits of Kapalbhati Pranayam .
Kapalbhati Pranayam and 12 Best benefits of Kapalbhati Pranayam .
कपालभाति प्राणायाम क्या होता है ? आपको बता दें कि कपाल का मतलब मस्तिष्क का आगे का भाग होता है और भाती का मतलब आपकी ज्योति होता है और इन्हीं दोनों को मिलाकर कपालभाति प्राणायाम बनाया गया है . कपालभाति प्राणायाम को  हट योगो में शामिल किया गया है . कपालभाति प्राणायाम, प्राणायामों में से सबसे ज्यादा कारगर माना जाता है .यह एक तेजी से की जाने वाली रेचक प्रक्रिया है . कपालभाति प्राणायाम और भस्त्रिका प्राणायाम में कुछ ज्यादा अंतर नहीं होता है . भस्त्रिका में सांस लेना और छोड़ना तेरी से जारी रहता है और कपालभाति प्राणायाम में सिर्फ सांस को छोड़ने पर ही ज्यादा ध्यान दिया जाता है . तो आपको बताते हैं कि कपालभाति करते समय आपको किन चीजों पर और किन बातों पर सही से ध्यान रखना चाहिए .
आपको बता दें कि कपालभाति प्राणायाम हमारे शरीर के लिए बहुत ही ज्यादा लाभदायक होता है . इसे करने से शरीर हमेशा स्वस्थ रहता है . कपालभाति प्राणायाम को अगर आप सही तरीके से नहीं करते हैं तो इसका नुकसान आपको हो सकता है . लेकिन अगर आप कपालभाति प्राणायाम को सही तरीके से करते हैं तो आपको इसका सिर्फ लाभ ही लाभ मिलता है .

कपालभाति करते समय ध्यान रखने वाली बातें

कपालभाति प्राणायाम को करते समय किसी भी व्यक्ति को अपनी रीढ़ की हड्डी को एकदम सीधा और अपने दोनों पैरों को सामने की ओर मोड़ कर रखना होता है . और कपालभाति प्राणायाम मैं आप को एकदम से सांस लेनी होती है उसके बाद तुरंत सांस छोड़नी होती है . कपालभाति प्राणायाम में आपको सांस लेने पर इतना ध्यान नहीं रहा है जितना कि आपको सांस छोड़ने पर ध्यान रखना होता है . कपालभाति करते समय जब कोई व्यक्ति सांस तेजी से छोड़ता है तो उसकी अतड़ियां नीचे चली जाती है और सांस खींचने पर अतड़ियां ऊपर आ जानी चाहिए . कपालभाति करते समय आप सिर्फ इतना ध्यान रखें कि कपालभाति प्राणायाम को आप एक बारी में 10 बार ही करें उसके बाद थोड़ा सा आराम करने के बाद दोबारा आप कपालभाति प्राणायाम को कर सकते हैं . अगर किसी व्यक्ति को कपालभाति नहीं आता है तो वह व्यक्ति कपालभाति की वीडियोस यूट्यूब पर भी आसानी से देख सकता है .
इन लोगों को नहीं करना चाहिए कपालभाति प्राणायाम
अगर किसी व्यक्ति को कपालभाति प्राणायाम करने का सही तरीका नहीं पता है तो उस व्यक्ति को प्राणायाम नहीं करना चाहिए . कपालभाति प्राणायाम करने से पहले आप किसी विशेषज्ञ की सलाह भी ले सकते हैं वह आपको सही तरीका बता देगा कि आपको कपालभाति प्राणायाम कैसे करना चाहिए .
अगर किसी व्यक्ति को हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है तो उस व्यक्ति को कपालभाति प्राणायाम बिल्कुल नहीं करना चाहिए . कपालभाति प्राणायाम को हमेशा खाली पेट ही कर रहे हैं चाहिए . और सबसे ज्यादा ध्यान में रखने वाली बात यह है कि कपालभाति प्राणायाम को शाम के समय कभी नहीं करना चाहिए .
अगर किसी व्यक्ति को कपालभाति प्राणायाम करते समय थकान या चक्कर आने में खुश होते हैं तो उस व्यक्ति को कपालभाति प्राणायाम नहीं करना चाहिए . इसके अलावा कपालभाति प्राणायाम को ज्यादा तेजी से नहीं करना चाहिए आराम से ही करना चाहिए .
कपालभाति प्राणायाम के लाभ

1. दिमाग के लिए फायदेमंद

कपालभाति प्राणायाम एक शारीरिक और सांस लेने की प्रक्रिया होती है जो दिमाग को स्वस्थ रखने के लिए बहुत ही ज्यादा लाभकारी होती है . कपालभाति प्राणायाम करने से दिमाग की सभी नेगेटिविटी तुरंत बाहर निकल जाती है और दिमाग में सकारात्मक सोच जन्म लेने लगती है . कपालभाति एक ऐसा प्राणायाम है जो शरीर और मन दोनों को हमेशा स्वस्थ रखता है . कपालभाति प्राणायाम आपके पूरे दिनचर्या के लिए सबसे ज्यादा लाभदायक होता है .


2. सांस लेने की प्रणाली शुद्ध होती है

अगर कोई व्यक्ति नियमित रूप से हर रोज 10 मिनट कपालभाति प्राणायाम करता है तो उस व्यक्ति की सांस लेने की प्रणाली हमेशा शुद्ध रहती है . अगर किसी व्यक्ति के शरीर में एलर्जी या संक्रमण होता है तो कपालभाति प्राणायाम उसे जड़ से खत्म करने के लिए बहुत ही ज्यादा फायदेमंद होता है . कपालभाति प्राणायामा जोर से सांस छोड़ने पर फेफड़ों का संक्रमण भी आसानी से बाहर निकल जाता है .

3. डायाफ्राम लचीला होता है

कपालभाति प्राणायाम को करने से हमारे शरीर का डायाफ्राम लचीला होता है . जिसकी वजह से हर्निया जैसी बीमारी होने का खतरा नहीं रहता है . कपालभाति प्राणायाम शरीर के निचले हिस्से में खून के प्रवाह को भी पहुंचाता है जिसकी वजह से शरीर के निचले हिस्से के अंग भी सही तरह से काम करते हैं .

4. फेफड़ों के लिए लाभदायक

कपालभाति प्राणायाम को करने से हमारे फेफड़े हमेशा स्वस्थ रहते हैं और अभी सांस लेने की प्रणाली भी हमेशा सही रहती है . कपालभाति प्राणायाम को करने से शरीर के अंदर ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ती है और ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ने से हमारा दिमाग भी अच्छे से काम करता है तथा हमेशा वह स्वस्थ रहता है .

5. शरीर के सभी अंगो के लिए फायदेमंद

कपालभाति प्राणायाम को करने से शरीर के सभी अंदरूनी अंग सही तरह से काम करते हैं और स्वस्थ रहते हैं  इसलिए अगर कोई व्यक्ति अपने जीवन में स्वस्थ रहना चाहता है तो उस व्यक्ति को हर रोज सुबह के समय खाली पेट 10 मिनट कपालभाति प्राणायाम को जरूर करना चाहिए .

6. स्टैमिना को बढ़ाता है

अगर कोई व्यक्ति अपने स्टैमिना को लेकर बहुत ज्यादा परेशान रहता है तो उस व्यक्ति को कपालभाति प्राणायाम जरूर करना चाहिए . यह आपके स्टैमिना को डूबने से 3 गुना तक बढ़ा सकता है  .

7. कब्ज के लिए फायदेमंद

अगर कोई व्यक्ति अपने कब्ज की वजह से काफी ज्यादा परेशानी में रहता है तो उस व्यक्ति को कपालभाति प्राणायाम जरूर करना चाहिए . कपालभाति प्राणायाम को करने से उस व्यक्ति की कब्ज की परेशानी हमेशा के लिए खत्म हो जाती है .

8. ब्लड सरकुलेशन के लिए फायदेमंद

कपालभाति प्राणायाम को करने से हमारे शरीर का ब्लड सरकुलेशन हमेशा सही रहता है . इसके अलावा यह ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने के लिए भी बहुत ज्यादा फायदेमंद क्या होता है .


9. वजन कम करने के लिए

कपालभाति प्राणायाम को करने से शरीर के अंदर मेटाबॉलिज्म काफी अधिक मात्रा में बढ़ जाता है जिस वजह से शरीर की अतिरिक्त चर्बी आसानी से कम हो जाती है . इसलिए अगर कोई व्यक्ति अपना जल्दी से जल्दी वजन को हटाना चाहता है तो उस व्यक्ति को हर रोज सुबह के समय कपालभाति प्राणायाम को जरूर करना चाहिए .

10 .लिवर और किडनी के लिए फायदेमंद

कपालभाति प्राणायाम लीवर और किडनी के लिए बहुत ही ज्यादा फायदेमंद होता है क्योंकि कपालभाति प्राणायाम को करते वक्त जब हम सांस को तेजी से बाहर छोड़ते हैं तो हमारे शरीर मैं मौजूद खून बहुत ही तेजी से प्रवाहित होता है तथा किडनी को अच्छी तरह से साफ कर देता है जिस वजह से हमारे शरीर में मौजूद विषैले पदार्थ आसानी से बाहर निकल जाते हैं .

11. डार्क सर्कल में फायदेमंद

अगर कोई व्यक्ति या महिला अपने डाक सर्कल की वजह से बहुत ज्यादा परेशानी में है या उनकी पर्सनैलिटी कम हो रही है तो उनको हर रोज सुबह के समय खाली पेट 10 मिनट तक कपालभाति प्राणायाम को जरूर करना चाहिए .

12. आंखों के लिए फायदेमंद

कपालभाति प्राणायाम आंखों के लिए बहुत ही ज्यादा फायदेमंद होता है क्योंकि भाती का मतलब आंखों की रोशनी होती है . इसलिए अगर कोई व्यक्ति नियमित रूप से कपालभाति प्राणायाम को करता है तो उनकी आंखों की रोशनी तेज होती है . अगर किसी व्यक्ति या बच्चे चश्मा लगा हुआ है तो उस व्यक्ति या बच्चे को कपालभाति प्राणायाम को जरूर करना चाहिए .

ध्यान में रखने वाली बातें

कपालभाति प्राणायाम को हर उम्र का व्यक्ति आसानी से कर सकता है लेकिन कपालभाति प्राणायाम उन लोगों को बिल्कुल नहीं करना चाहिए जो अस्थमा या दमा के मरीज होते हैं .अगर वह कपालभाति प्राणायाम को करना चाहते हैं तो वह सबसे पहले किसी विशेषज्ञ की सलाह जरूर ले ले .
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