नपुंसकता की बीमारी के कारण, नपुंसकता की बीमारी को खत्म करने के उपाए .

नपुंसकता की बीमारी के कारण, नपुंसकता की बीमारी को खत्म करने के उपाए .
नपुंसकता की बीमारी के कारण, नपुंसकता की बीमारी को खत्म करने के उपाए .
नपुंसकता :- आपको बता दें कि नपुंसकता कोई खास बीमारी नहीं है लेकिन लोगों ने नपुंसकता को अपने दिमाग में इस तरह से बैठा लिया है जिस वजह से यह एक बहुत बड़ी बीमारी का रुप ले चुकी है . ज्यादातर नपुंसकता उन व्यक्तियों में पाई जाती है जो अपनी पत्नियों द्वारा आरोपित किए जाते हैं कि वह शारीरिक रुप से कमजोर हैं . अगर नपुंसकता को दूसरे शब्दों में बताया जाए तो आप यह कह सकते हैं कि जब किसी व्यक्ति का लिंग सही से संभोग करने में असमर्थ होता है तो आप उस से नपुंसकता की बीमारी कह सकते हैं .
आज के समय में ज्यादातर लोग अपनी नपुंसकता की बीमारी से परेशान है . नपुंसकता की बीमारी ज्यादातर दिमाग की उपज है इसे ही मानसिक नपुंसकता कहते हैं . मानसिक नपुंसकता के कई कारण हो सकते हैं जैसे कि अगर कोई व्यक्ति ज्यादातर समय किसी ना किसी बात का तनाव लिए रहता है तो उस व्यक्ति के अंदर नपुंसकता के लक्षण पाए जाते हैं . ज्यादा हस्तमैथुन करना, ज्यादा संभोग करना ,ज्यादा मात्रा में अश्लील फिल्में देखना तथा ज्यादा मात्रा में अश्लील किताबें पढ़ना तथा ज्यादातर संकल्पनाओं के बारे में सोचते रहने की वजह से भी लोगों के अंदर नपुंसकता की बीमारी आ जाती है . नपुंसक बांके बिहारी में धातु स्त्राव होने लगता है जिस वजह से व्यक्ति बहुत ज्यादा कमजोर होने लगता है तथा वह व्यक्ति कुछ भी काम करना मैं बहुत जल्दी थक जाता है .
नपुंसकता के अन्य कारण
आज के समय में नपुंसकता के अन्य कारण यह है कि लोग अपने खानपान पर सही से ध्यान नहीं दे पा रहे हैं . जैसा कि आप लोग जानते हैं कि शरीर के अंदर जो भी एनर्जी बनती है वह पोषक खान पान तथा पोषक फलों की वजह से ही बनती है . लेकिन आज के समय में ज्यादातर लोग अपने खानपान पर सही से ध्यान नहीं दे रहे हैं वह घर का पौष्टिक खाने को छोड़कर बाहर के ज्यादा मिर्च मसाले वाले, फास्ट फूड ,चाउमीन, टिक्की आदि का सेवन कर रहे हैं जिस वजह से उनके शरीर में पोषक तत्वों की कमी होने लगती है तथा यही कारण है कि वह लोग मानसिक नपुंसकता के शिकार हो जाते हैं .


नपुंसकता की बीमारी को खत्म करने के घरेलू उपाय
अश्वगंधा चूर्ण
नपुंसकता की बीमारी या शारीरिक कमजोरी को दूर करने के लिए आपको अश्वगंधा का चूर्ण, शहद, घी और मिश्री की जरूरत होगी . इन सभी चीजों को बराबर बराबर मात्रा में लेकर अच्छी तरह से मिक्स कर लेना है तथा सुबह के समय इन चीजों को लगातार एक या दो महीने लेने से आपकी नपुंसकता या शारीरिक कमजोरी जड़ से खत्म हो जाती है . अच्छा परिणाम पाने के लिए आप इन चीजों को दूध के साथ ले सकते हैं .
सफेद प्याज
अपनी नपुंसकता की बीमारी को दूर करने के लिए आपको सफेद प्याज का 8 चम्मच रस, अदरक का 6 चम्मच रस, 4 चम्मच शहद तथा 3 चम्मच शुद्ध देसी घी मिलाकर अच्छी तरह से मिश्रण तैयार कर लेना है और एक शीशी में भरकर रख लेना है .अब इस मिश्रण को कम से कम 6 हफ्तों तक आधा चम्मच रोज लेना है . इससे आपकी नपुंसकता की बीमारी जड़ से खत्म हो जाएगी तथा शरीर के अंदर जान आने लगेगी .
जामुन की गुठली
अपनी नपुंसकता की बीमारी को जड़ से खत्म करने के लिए आपको जामुन की गुठली का चूर्ण बना लेना है तथा उस चूर्ण को हल्के गर्म दूध के साथ तीन तीन ग्राम हर रोज रात को सोते वक्त लेना है . इससे आपकी नपुंसकता या शारीरिक कमजोरी दूर हो जाएगी तथा शरीर के अंदर अंदरुनी शक्ति बढ़ेगी .
छुहारे
अपनी नपुंसकता की बीमारी से छुटकारा पाने के लिए हर रोज 4 छुहारे दूध के अंदर अच्छी तरह से उबालें तथा छुआरों तथा दूध को एक साथ रात के समय लेने से नपुंसकता की बीमारी जड़ से खत्म हो जाती है और शरीर के अंदर एक नई आती है .
बादाम की गिरी
अपनी नपुंसकता की बीमारी से छुटकारा पाने के लिए आपको बादाम की गिरी, मिश्री, शॉर्ट और काली मिर्च इन सभी को आपस में अच्छी तरह से बारीक पीसकर चूर्ण बना लें. अब इस मिश्रण को कम से कम 6 हफ्तों तक दूध के साथ पीने से आपके शारीरिक कमजोरी या नपुंसकता की बीमारी जड़ से खत्म हो जाएगी .
गाजर का जूस
अगर कोई व्यक्ति हर रोज 200 ग्राम गाजर का जूस का सेवन करता है तो उस व्यक्ति के शरीर में अंदरुनी शक्ति बढ़ने लगती है तथा उस व्यक्ति की शारीरिक कमजोरी या नपुंसकता की बीमारी जड़ से खत्म हो जाती है .
जायफल
अगर कोई व्यक्ति अपने नपुंसकता की बीमारी से हमेशा के लिए छुटकारा पाना चाहता है तो उस व्यक्ति को जायफल को बारीक मात्रा में पीस लेना है तथा जायफल के चूर्ण को हर रोज रात को सोने से पहले चार पत्ती पानी के साथ लेना है . यह उपाय कम से कम 6 हफ्ते तक करें तो आपकी नपुंसकता की बीमारी जड़ से खत्म हो जाएगी .
सफेद मूसली
अगर कोई व्यक्ति बहुत ही ज्यादा मात्रा में अपने शरीर में नपुंसकता के लक्षण या शारीरिक कमजोरी का आभास करता है तो उस व्यक्ति को सफेद मूसली और मिश्री को बराबर मात्रा में लेना है तथा उन्हें अच्छी तरह से पीस लेना है और उसका चूर्ण बना लेना है . अब उस चूर्ण को हर रोज सुबह शाम 5 ग्राम दूध के साथ लेने से आपकी शारीरिक कमजोरी जड़ से खत्म हो जाती है तथा शरीर के अंदर गजब की शक्ति आती है . यह उपाय कम से कम 1 महीने तक करें .
भीगे हुए देसी चने
अगर कोई व्यक्ति हर रोज रात को सोते समय एक मुट्ठी देसी चने पानी में भिगोकर रख देता है तथा सुबह को खाली पेट उन देसी चने का पानी निकाल कर उन देसी जनों को अच्छी तरह से चबाकर खाता है तो उस व्यक्ति की शारीरिक कमजोरी जड़ से खत्म हो जाती है तथा उस व्यक्ति की सहवास करने की क्षमता भी काफी ज्यादा बढ़ जाती है .


शतावर
अपनी नपुंसकता की बीमारी से हमेशा के लिए छुटकारा पाने के लिए व्यक्ति को शतावर को एक गिलास दूध में अच्छी तरह से उबालना चाहिए तथा जगह अच्छी तरह उबल जाए तब उसमें रामेश्वरी के दाने मिलाएं तथा उस दूध को पी लें ऐसा लगातार एक महीने तक करने से आपकी नपुंसकता की बीमारी जड़ से खत्म हो जाएगी तथा शरीर के अंदर एक नई शक्ति का आभास होगा .
गोखरू
अपनी शारीरिक कमजोरी को दूर करने के लिए या नपुंसकता की बीमारी से छुटकारा पाने के लिए व्यक्ति को गोखरू को बारीक मात्रा में पीस लेना है तथा उसके बराबर मात्रा में तिल को मिला लेना है अब इन दोनों चीजों को बकरी के दूध में अच्छी तरह से पका कर उसमें दो चम्मच शहद मिलाना है . इस मिश्रण का हर रोज सेवन करने से आपके शरीर के अंदर जितनी भी कमजोरियां हैं वह सभी जड़ से खत्म हो जाएंगी तथा शरीर के अंदर एक नई जान आएगी .
सूखे सिंघाड़े
अगर कोई व्यक्ति सूखे सिंघाड़े को अच्छी तरह से कूट-पीसकर घी और चीनी के साथ उसका हलवा बनाकर उस हलवा का सेवन करता है तो उस व्यक्ति की नपुंसकता की बीमारी जड़ से खत्म हो जाती है तथा उसकी संभोग करने की शक्ति भी दुगनी से 3 गुनी हो जाती है . इस नुस्खे का उपयोग कम से कम 2 महीने तक करें .
इमली के बीज
अपने नपुंसकता की बीमारी से हमेशा के लिए छुटकारा पाने के लिए आपकोइमली के बीजों को फोन करुन के छिलके अलग कर लेना है . तथा अब उन वीरों को अच्छी तरह से पीसकर उन का चूर्ण बना लेना है . अब उस चूर्ण को हर रोज 3 ग्राम मिश्री के साथ लेने से उस व्यक्ति की नपुंसकता की बीमारी जड़ से खत्म हो जाती है तथा शरीर के अंदर वीर्य वृद्धि भी होती है .
सफेद मूसली
अपने नपुंसकता की बीमारी से छुटकारा पाने के लिए सफेद मूसली तथा मिश्री को बराबर मात्रा में लेना है और उन दोनों को अच्छी तरह से पीसकर उसका छूटा बना लेना है . हर रोज 6 ग्राम चूर्ण का सेवन दूध के साथ करना है इसके सेवन करने से नपुंसकता की बीमारी जड़ से खत्म हो जाती है तथा शरीर के अंदर एक गजब की शक्ति आती है .
नपुंसकता की बीमारी से छुटकारा पाने के अन्य उपाय
सेब
अपनी नपुंसकता की बीमारी या शारीरिक कमजोरी को हमेशा के लिए दूर करने के लिए आपको हर रोज सुबह के समय खाली पेट एक सेब का सेवन जरूर करना चाहिए . हर रोज सेब का सेवन करने से आपके शरीर की इम्युनिटी पावर भी बढ़ेगी तथा शारीरिक कमजोरी भी जड़ से खत्म होगी .
खजूर
खजूर के अंदर भरपूर मात्रा में प्रोटीन, फाइबर, विटामिंस, मिनरल्स तथा मैग्नीशियम जैसे तत्व पाए जाते हैं जो शारीरिक कमजोरी को जड़ से खत्म करने के लिए बहुत ज्यादा लाभदायक होते हैं . अगर कोई व्यक्ति हर रोज कम से कम 8 खजूर का सेवन करता है तो उस व्यक्ति की नपुंसकता की बीमारी बहुत जल्द खत्म हो जाती है .
किशमिश
अपनी नपुंसकता की बीमारी से हमेशा के लिए छुटकारा पाने के लिए आपको 25 ग्राम किशमिश को रात को सोते समय एक कटोरी में पानी के अंदर रख देना है . सुबह होने पर उस पानी को लेकर खाली पेट उस किशमिश का सेवन करना है . इसका सेवन करने से आपकी नपुंसकता जड़ से खत्म हो जाएगी .
जंक फूड को इग्नोर करें
नपुंसकता का यह एक सबसे बड़ा कारण है कि लोग ज्यादातर जंक फूड का सेवन करते हैं . इसलिए अगर आप अपने नपुंसकता की बीमारी से छुटकारा पाना चाहते हैं तो आपको जंक फूड खाना बंद करना होगा .
सकारात्मक सोच रखें
अपनी नपुंसकता की बीमारी से छुटकारा पाने के लिए आपको हमेशा एक सकारात्मक सोच रखनी चाहिए . क्योंकि अगर आप नपुंसकता के बारे में गलत सोचते रहेंगे तो यह बीमारी कभी भी खत्म नहीं हो पाएगी इसलिए इस बीमारी को जड़ से खत्म करने के लिए हमेशा सकारात्मक सोच रखें .
प्राणायाम योगा
अगर कोई व्यक्ति नियमित रूप से सुबह के समय 10 मिनट तक प्राणायाम योगा करता है तो उस व्यक्ति की नपुंसकता की बीमारी जड़ से खत्म हो जाती है तथा उस व्यक्ति की संभोग करने की क्षमता भी बढ़ती है .
एंटीऑक्सीडेंट वाली चीजों का ज्यादा सेवन
अपनी नपुंसकता की बीमारी से हमेशा के लिए छुटकारा पाने के लिए आपको एंटीआक्सीडेंट वाली चीजों का ज्यादा सेवन करना चाहिए . जिन फलों और सब्जियों में एंटीआक्सीडेंट वाले तत्व ज्यादा पाए जाते हैं उनका ज्यादा से ज्यादा सेवन करें तो यह आपके लिए बहुत ज्यादा लाभदायक होगा .एंटीऑक्सीडेंट्स वाले फलों में आप ब्लूबेरी, बैरी, स्ट्रॉबेरी, संतरा, काले अंगूर जैसे फलों का सेवन कर सकते हैं तथा सब्जियों में पालक, ब्रोकोली जैसी सब्जियों का सेवन कर सकते हैं .

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