मिर्गी दूर करने के लिए अपनाएं ये 20 घरेलू उपाय

मिर्गी रोग:- मिर्गी रोग का मुख्य कारण तंत्रिका तंत्र होता है . मिर्गी रोग किसी भी व्यक्ति को तब होता है जब उसकी मस्तिष्क की कोशिकाएं ज्यादा मात्रा में ऊर्जा पैदा करती है. आपको बता दें कि हमारे मस्तिष्क की कोशिकाएं एक साथ मिलकर कार्य करती हैं. और विद्युत संकेतों के माध्यम से कार्य करती हैं. मिर्गी रोग को दो भागों में बांटा गया है. पहला  प्राथमिक मिर्गी और दूसरा द्वितीयक मिर्गी.


प्राथमिक मिर्गी:- आपको बता दें कि प्राथमिक मिर्गी वह होती है जिसमें व्यक्ति को उसका कारण पता नहीं होता है. और या फिर यह मिर्गी अनुवांशिकी कारणों की वजह से भी होती है. कई शोध के अनुसार यह पाया गया है, जिन लोगों में मिर्गी के लक्षण पाए जाते हैं उनके बच्चों में मिर्गी के लक्षण 2.5 गुना बढ़ जाते हैं . 

द्वितीयक मिर्गी:-  आपको बता दें कि द्वितीयक मिर्गी के कई कारण हो सकते हैं. जैसे कि सिर में अधिक चोट लग जाना, किसी किसी व्यक्ति को जन्मजात यह रोग हो सकता है. या फिर किसी बीमारी की वजह से मस्तिष्क में गांठ का बन जाना. या फिर मस्तिष्क में संक्रमण हो जाना, या फिर सेरेब्रल पाल्सी कारणों से भी मिर्गी रोग हो जाता है. लकवा, तेज बुखार या फिर ब्रेन टयूमर, मासिक धर्म में अनियमितता, जरूरत से ज्यादा काम कर लेना, पाचन तंत्र में खराबी, पेट में कीड़े होना आदि इन सभी लक्षणों की वजह से व्यक्ति को मिर्गी के दौरे पड़ने लगते हैं .


मिर्गी के लक्षण

आपको बता दें कि मिर्गी के लक्षण में व्यक्ति को मिर्गी का रोग होता है, उस व्यक्ति के हाथ, पैर मिर्गी के दौरे में अकड़ ने लगते हैं. मरीज बेहोश हो जाता है. मिर्गी के दौरे में व्यक्ति 10 मिनट से लेकर 3 घंटे तक बेहोश हो सकता है. और मिर्गी के दौरे में व्यक्ति को जोर जोर से झटके लगने लगते हैं. उस व्यक्ति की आंखें ऊपर चढ़ जाती है. दांत बंद हो जाते हैं और मुंह से झाग निकलने लगते हैं. मिर्गी के दौरे में कोई भी व्यक्ति गिर जाता है और बेहोश हो जाता है. इस रोग का दौरा व्यक्ति को कभी भी पड़ सकता है ज्यादातर यह पाया गया है कि जब व्यक्ति पानी, आग के सामने होता है तो उस व्यक्ति को मिर्गी के दौरे पड़ने लगते हैं.  इसलिए मरीज को आग और पानी से दूर रहने की सलाह दी जाती है. ऐसी स्थिति में उस व्यक्ति और उसके साथ वाले व्यक्ति की स्थिति काफी गंभीर हो जाती है . क्योंकि जब किसी व्यक्ति को मिर्गी का दौरा पड़ता है तो उसके साथ वाले व्यक्ति को समझ में नहीं आता है कि उसे क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए.


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मिर्गी के दौरे पढ़ने पर व्यक्ति के साथ जरूर करेंगे काम

जब किसी व्यक्ति को मिर्गी का दौरा पड़ जाए, तो सबसे पहले अपने मन को शांत रखें और व्यक्ति को खुली हवा में ले जाए और उसे दाएं या बाएं करवट की तरफ लेटा दें. उसके बाद व्यक्ति के दांतो के बीच में कोई कपड़ा लगा दें ताकि उसकी जीब कटने ना पाए. उस व्यक्ति के मुंह पर पानी के छींटे मारें.

मिर्गी की बीमारी को दूर करने के घरेलू उपाय


1. राई

जब किसी व्यक्ति को मिर्गी का दौरा पड़ने लगे तो राई को पानी में अच्छी तरह से पीस लें, और रोगी को उस पानी को सुंघाए. अगर आप इस उपाय को सही समय पर कर लेते हैं तो रोगी को दौरे पड़ने जल्दी बंद हो जाएंगे और वह जल्दी होश में आ जाएगा. 

2. तुलसी और सेंधा नमक

तुलसी के अंदर वे सभी जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं जो सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं. मिर्गी के दौरे को रोकने के लिए आपको तुलसी के रस में थोड़ा सा सेंधा नमक मिलाकर रोगी की नाक पर दो-तीन बूंद तुलसी के रस के गिराए. ऐसा करने से मिर्गी के रोगी को जल्दी होश आ जाता है. इसके अलावा आप तुलसी के रस में कपूर मिलाकर भी रोगी को सुंघा सकते हैं.

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3. नींबू और हींग

जब व्यक्ति मिर्गी के दौरे से ठीक हो जाए तो उस व्यक्ति को तुरंत नींबू के रस में थोड़ा-सा हींग मिलाकर व्यक्ति को पिलाएं  इस पानी को पिलाने से रोगी का मस्तिष्क सही से काम करने लगता है और उसे इस रोग में काफी आराम मिलता है.

4. सफेद प्याज का रस

सफेद प्याज का रस सेहत के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद होता है.सफेद प्याज के रस में थोड़ा सा पानी मिलाकर हर रोज सुबह के समय इसका सेवन करने से मिर्गी रोग में काफी आराम मिलता है और वह धीरे धीरे ठीक होने लगता है.


5. लहसुन और घी 

लहसुन एक ऐसा खाद्य पदार्थ है जो सब्जियों को स्वादिष्ट बनाने के लिए बहुत ही ज्यादा फायदेमंद होता है. इसके अलावा यह स्वास्थ्य के लिए भी बहुत ज्यादा फायदेमंद होता है. लेकिन अगर कोई व्यक्ति अपनी मिर्गी रोग से काफी ज्यादा परेशान है तो उस व्यक्ति को हर रोज लहसुन को देसी घी में भूनकर उसका सेवन करना चाहिए. अगर वह व्यक्ति नियमित रूप से इस उपाय को करता है तो उस व्यक्ति को मिर्गी रोग से जल्दी छुटकारा मिल जाता है.

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6. शहद और कलौंजी

इस रोग से छुटकारा पाने के लिए हर रोज सुबह और शाम के समय एक गिलास पानी में दो चम्मच शहद और कलौंजी का तेल मिलाकर नियमित रूप से उसे पिए. इस पानी को पीने से मिर्गी के रोग में बहुत ही तेजी से आराम होता है और व्यक्ति को इस बीमारी से हमेशा के लिए छुटकारा मिल जाता है.


7. पलाश की जड़

इस रोग से छुटकारा पाने के लिए पलाश की जड़ को अच्छी तरह से पीस लें, और उसका रस निकाल लें तथा उसके रस की बूंदे हर रोज नाक में दो से तीन टपकाने से इस रोग में काफी जल्दी आराम मिलता है, और यह रोग धीरे-धीरे खत्म हो जाता है.


8. काली मिर्च

इस रोग में रोगी को काली मिर्च पानी में पीसकर रोगी को पिलाने से रोगी जल्दी होश में आ जाता है.


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9. मुलेठी

इस रोग से हमेशा के लिए छुटकारा पाने के लिए अगर कोई व्यक्ति हर रोज सुबह के समय मुलेठी के चूर्ण को दूध घी या शहद के साथ उसका सेवन करता है, तो उस व्यक्ति का यह रोग बहुत ही तेजी से दूर होता है तथा सेहत भी अच्छी रहती है.

10. शतावर

शतावरी ऐसी जड़ होती है जो सेहत के लिए बहुत ही ज्यादा फायदेमंद होती है और हमारे शरीर की कई बीमारियों को दूर करती है. शतावर के चूर्ण को दूध के साथ मिलाकर सेवन करते हैं तो मिर्गी वाले व्यक्ति को काफी ज्यादा आराम मिलता है और यह रोग जल्दी दूर हो जाता है.


11. हरी धूप घास

रोगी को हर रोज सुबह और शाम के समय हरी धूप घास खाने से बहुत ज्यादा आराम मिलता है और यह रोग दूर हो जाता है.

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12. फिटकरी

इस रोग से हमेशा के लिए छुटकारा पानी के लिए 1 ग्राम फिटकरी को भून लें, और उसका चूर्ण बना लें. अब इस चूर्ण का सेवन गर्म दूध के साथ करें. इसका सेवन करने से मिर्गी का रोग हमेशा के लिए दूर हो जाता है.

13. रीठा

अगर किसी व्यक्ति को मिर्गी का दौरा पड़ जाए तो उस व्यक्ति को रीठा के चूर्ण को मिर्गी के रोगी को सुंघाने से रोगी जल्दी होश में आ जाता है और रोग वह धीरे-धीरे दूर होने लगता है.

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14. करौंदा

करौंदा सेहत के लिए बहुत ही ज्यादा फायदेमंद होता है. यह मिर्गी के रोगियों के लिए बहुत ही ज्यादा फायदेमंद होता है. मिर्गी के रोगियों को करौंदे की पत्तों की चटनी का सेवन समय-समय पर जरूर करना चाहिए. इसका सेवन करने से रोग जल्दी ठीक होता है और दौरा पड़ने की संभावना बहुत कम हो जाती है.

15. शहतूत

शहतूत मिर्गी के रोगियों के लिए बहुत ही लाभदायक फल होता है.  जब रोगी दोरा पढ़कर ठीक हो जाए तो उस व्यक्ति को तुरंत शहतूत फल खाने के लिए देना चाहिए इसके देने से रोगी को दोबारा मिर्गी होने की संभावना खत्म हो जाती है और रोगी ठीक हो जाता है.

16. फल

मिर्गी के रोगियों के लिए सेब, अनार, नाशपाती, आड़ू, संतरा, अंजीर,अनार, आम आदि फलों का सेवन ज्यादा करना चाहिए. क्योंकि इन फलों में सेहत को स्वस्थ बनाए रखने के लिए बहुत ही ज्यादा पोषक तत्व पाए जाते हैं साथ ही यह सभी फल हमारे मस्तिष्क के लिए भी बहुत ज्यादा फायदेमंद होते हैं.

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17. गाजर

मिर्गी के रोगियों के लिए गाजर और गाजर का रस दोनों ही बहुत ही ज्यादा फायदेमंद होते हैं. आप गाजर को सलाद के रूप में और ऐसे भी खा सकते हैं. इसका सेवन करने से रोगी को काफी ज्यादा आराम मिलता है और दौरा पड़ने की संभावना बहुत कम हो जाती है.


18. योगा

दोस्तों जैसा कि आप लोग जानते हैं कि योगा करना हमारी सेहत के लिए बहुत ज्यादा फायदेमंद होता है. और योगा हर तरह की बीमारी को दूर करने के लिए बहुत ही ज्यादा उपयोगी माना जाता है. इसलिए मिर्गी के रोगियों को हर रोज सुबह के समय 10 मिनट योगा जरूर करना चाहिए. योगा करने से व्यक्तियों के मस्तिष्क की मांसपेशियां मजबूत होंगी, तथा रोग भी जल्दी ठीक हो जाएगा क्योंकि योगा करने से हमारा इम्यून सिस्टम काफी अधिक बढ़ जाता है जो बीमारियों को दूर करने में हमारे शरीर को सक्षम बनाता है.

19. शीर्षासन और सर्वांगासन

शीर्षासन और सर्वांगासन यह दोनों आसन मिर्गी रोग को दूर करने के लिए बहुत ज्यादा फायदेमंद होते हैं. इसके अलावा यह सेहत को स्वस्थ बनाए रखने के लिए भी बहुत ज्यादा उपयोगी होते हैं और शारीरिक कमजोरी को भी दूर करते हैं. ध्यान रहे कि आसन आपको खाली पेट ठीक करने हैं क्योंकि इन आसन करने के लिए आप खाली पेट होना जरूरी है.

20. सुबह के नाश्ते में

मिर्गी के रोगियों को सुबह के नाश्ते में अंकुरित मोठ, दूध से बनी चीजें, मूंग, तिल का तेल आदि खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए. इनका सेवन करने से हमारे शरीर को ताकत मिलती है तथा दिमाग की कोशिकाएं भी मजबूत होती हैं जिस वजह से यह रोग जल्दी ठीक होता है.

मिर्गी के रोगियों को नहीं करना चाहिए इन चीजों का सेवन


मिर्गी के रोगियों को अधिक मसालेदार, तली और बनी चीजों का सेवन बिलकुल नहीं करना चाहिए. उड़द और मसूर की दाल, राजमा, गोभी, बैंगन, चावल, मछली, कचालू और मटर का कम से कम सेवन करना चाहिए. इसके अलावा चाय, गुटका और शराब तथा खैनी जैसी चीजों से बचना चाहिए क्योंकि इन सभी चीजों के सेवन करने से मिर्गी का रोग बिल्कुल भी ठीक नहीं हो सकता .


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